Sunday, October 30, 2011

बाबा भारती की मर्सिडीज

बाबा भारती को अपनी मर्सिडीज से बहुत प्यार था। उनके आश्रम के पड़ोसी गाँव के प्रधान जालिम सिंह की नज़र उनकी मर्सिडीज पर थी। जालिम सिंह विश्वासपात्र अनुयायी बनकर उनका सारथी हो गया। एक शाम बाबा जालिम सिंह के साथ अपनी मर्सिडीज लेकर सैर पर निकले। वापसी मे जालिम सिंह ने कहा “बाबा मर्सिडीज से उतरो, आज से ये मर्सिडीज हमारी हुई”। बाबा ने उतरते हुए कहा कि “जालिम, ये बात किसी से मत कहना”। दूसरे दिन आश्रम की सीमा ग्रामसभा की सीमा का अतिक्रमण कर रही थी।

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