पढ़ने बैठ जा बेटा, तेरे पापा आते ही होंगे।
न माँ, मुझे होमवर्क समझ नही आ रहा है, पापा से पूछ कर ही करूंगा।
अच्छा किताब-कॉपी तो निकाल, ला मैं मदद कर देती हूँ। माँ ने बेटे को पुचकारा।
आप क्या हेल्प कर पाओगी? बच्चा भुनभुनाया।
ये लो मेरी होमवर्क डायरी। अब बताओ क्या करूँ?
माँ ने डायरी हाथ मे ले तो ली, लेकिन अँग्रेजी मे लिखा क्या समझती? वो तो गाँव के स्कूल से दसवीं पास थी।
अच्छा तो तुम्हारे टीचर का नाम यू डे तिवारी (Uday Tiwari) है। माँ ने फिर भी कोशिश की।
हा हा हा माँ, पापा तुम्हें सच ही गंवार कहते है। बच्चा ठहाका लगा उठा।
माँ के आँखों के पोर से आँसू ढलक पड़े।
बबलू, माँ से ऐसे बात करते है? बेटी ने माँ की पीड़ा का मर्म समझ लिया था।
Monday, October 31, 2011
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