Monday, October 31, 2011
बच्चे की सीख
· उसको अपने बच्चे को सर्वगुण सम्पन्न बनाने की सनक थी। उसे जितना आता था वो सब बच्चे को सिखा देना चाहता था, लेकिन बच्चा था कि बार-बार सिखाने पे भी A उल्टा ही बना रहा था। उसने खीझ कर बच्चे को पीट दिया और खुद जाकर लेट गया। बच्चा थोड़ी देर रोने के बाद मासूमियत के साथ उसके पास आया और उसकी गोद मे पापा-पापा बोल कर खेलने लगा। आज उसने अपने बच्चे से अपमान और क्रोध के आवेग को भूलकर प्यार बाटना सीखा था।
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