Showing posts with label स्टोरी ऑफ़ वेटेरिनरी ऑफिसर विल्लागेर. Show all posts
Showing posts with label स्टोरी ऑफ़ वेटेरिनरी ऑफिसर विल्लागेर. Show all posts

Monday, October 31, 2011

भैंस की सुई

एक सयाने ग्रामीण ने अपनी भैंस के इलाज के लिए डॉक्टर को बुलवाया। भैंस के इलाज से ज्यादा फिक्र उसे इलाज मे आने वाले खर्चे से थी। डॉक्टर भी सयाना था और उसकी मनोस्थिति भाँप चुका था। डॉक्टर ने कहा कि कई सुइयां लगेगी और हर सुई की कीमत 20 रुपये है, कहो तो लगा दूँ। ग्रामीण ने कहा लगा दो जी। डॉक्टर ने कुछ जरूरी दवाओं के बाद डिस्टिल वाटर की सुइयां लगानी शुरू कर दी। डॉक्टर ने इस तरह कुल बीस सुइयां घोंपी। अब डॉक्टर ने सुइयों के दाम मांगे तो सयाने ग्रामीण ने कहा, “जी आपने 15 सुइयां लगाई, ये लीजिये अपने 300 रुपए”। डॉक्टर जेब मे रुपए रख कर चुपचाप चला गया। इधर सयाना ग्रामीण अपने मन मे खुश था कि उसने अपनी चतुराई से सौ रुपए बचा लिए थे, उधर डॉक्टर खुश था कि दो सौ रुपए तो उसे पानी की सुइयों के मिले थे।