Wednesday, December 22, 2010

आधुनिक परिवार

हमारे मोहल्ले में आज- कल एक घटना राष्ट्रीय चैनलों पर सुर्ख़ियों में है। एक पति ने अपनी पत्नी की हत्या कर लाश डीप फ्रीज़र में दो महीने तक रखी और उसके टुकड़े- टुकड़े कर ठिकाने लगता रहा, जबकि इस बीच अपने लगभग चार साल के जुड़वाँ बच्चों से उसका व्यवहार सामान्य बना रहा। इस घटना का पता अगल- बगल, माकन-मालिक तक को नहीं लगा। ऐसी घटनाये हमें सचेतती है कि अब हमें पुनः अपने सामाजिक रिश्तो को जीवंत रूप में जोड़ना पड़ेगा, न कि केवल फेसबुक और आर्कुट जैसे डिजिटल रूप में। नहीं तो पता नहीं कितने नर पिशाच इन कंक्रीट के जंगलों में पैदा होकर मानवता का खून करेंगे.

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