Thursday, November 19, 2009
डॉक्टर
एक अनोखा रिश्ता है मरीज और डॉक्टर के बीच ।मेरा पुत्र बहुत बीमार था और कई दिनों से मई उसे कई चिकित्सको को दिखा चुका था लेकिन कोई फ़ायदा नही मिल रहा था। ऐसे में एका -एक मुझे अपने नारायण बागढ़ के डॉक्टर पाठक याद आए। मैंने उनेहे बिना किसी झिझक के फ़ोन किया। उन्होंने फ़ोन पर ही दवाएं बताई और मेरा बेटा आज ठीक है और स्कूल भी गया। ऐसे चिकित्सकों को मेरा सलाम। धन्यवाद डॉक्टर पाठक!
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